हाईकोर्ट में हाजिर हुईं थी लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने रिश्वत से सम्बंधित एक मामले की मूल फाइल लोकायुक्त के प्रभारी DSP द्वारा गुमाये जाने को काफी गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस स्थापना, भोपाल को कहा है कि मामले में तत्काल FIR दर्ज कराकर अपनी रिपोर्ट पेश करें।
FIR और विभागीय जांच के निर्देश
हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस स्थापना, भोपाल को निर्देश दिया है कि दोषी पर FIR दर्ज मामले की रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के सामने प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही दोषी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की जाए, क्योंकि सेवानिवृत्ति के चार वर्ष की समय-सीमा अभी पूर्ण नहीं हुई है।
याचिका वापस, लेकिन आदेश प्रभावी
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जसनीत सिंह होरा द्वारा याचिका वापस लेने का अनुरोध किए जाने पर न्यायालय ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि FIR दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई से संबंधित सभी निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
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